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निरज का तांडव

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 दिन आगे बित रहा था सब कुछ समान्य चल रहा था खुशबू का मुंगेर आना और मेरा किसी बहाने से चाफा जाना सब चल ही रहा था और जो उस को जरुरत होता कभी मुंगेर तो कभी चाफा जा कर मै उसे दे दिया करता है कितनी बार वो असरगंज बजार से समान लेती और पैसा मे दुकानदार को भेज दिया करता था मुंगेर से ही। हम दोनो के बीच की सारी बात की जानकारी उस की ममेरी बहन को थी क्योंकि उस के घर से सिर्फ उसी दोनों से बात हुआ करती थी लेकिन लगभग वो फौन पर सब से परिचय करवा चुकी थी क्योंकि जब भी किसी रिस्तेदार का फौन हम दोनो के बात करने के क्रम आता तो वो confrence मे बात करती हलाकि मै चुप रहता और बात वो करती सब कुछ समान्य था।फिर अचानक 2019 मे दुर्गापूजा और दिपावली के समीप निरज ने उस के घर मे फौन कर सभी को खुशबू से शादी करवाने को बोलने लगा इस बात को लेकर उस घर मे कफी तनाव का माहोल हो गया इस.बात को लेकर उस के घर म खुशबू को लेकर बहुत तमाशा हुआ इन सब बात की जानकारी खुशबू ही हम को बताती थी बहुत नाटक होने के बाद घर के सभी सदस्य उस से शादी करवाने को तय्यार हो गया पर खुशबू शादी करने से मना कर दी इसी कारन उस का भाई भी उस पर खपा हो गया औ...

प्यार का परवान

पहली बार उसके इतना करीब आने के बाद कहीं न कहीं उस रात को डर लग रहा था शायद सही नहीं है। उस रात को उस का फौन आता है बातें हुई पर मन मे शंका था लेकिन बात होते  सभी तरह के संका का समन हो गया। जब आप यह मान लेते है जो भी सामने हो वहीं. अप की जीवनसंगिनी बनेगी और यह उम्मीद भी हो सब कुछ ठिक से हो जायेगा क्योंकि जो एक लड़की का परिवार लडके मे खोजता है अब शायद वो सब था मेरे पास इस लिए वो मेरी और मै उसके नजदीक आता गया दुसरे दिन जब उसके पास गया तो वो सब के साथ बैठी बाते कर रही थी हम को देख वो समय निकालकर आगै के रुम आई और पलंग पर बैठ कर अपने और आने का इसारा दि तब 28/29साल की आयु मे पहली बार किसी लड़की के ओठ पर किस किया उस समय माने मन करता है सारी दुनिया की खुशी उसके कदमो मे ला कर डाल दु। अच्छा समय किस तरह खत्म हो जाता है किसी को पता नहीं चलता और जिस मे आप को अपनी दुनिया नजर आती हो उस्से तो दुर जाने का मन नहीं करता है। जाने से एक दिन पहले वो रात मे बजार वहां से फौन कर के हम को बुलाई जब इस तरह का छन आता है तो लोग कहीं भी हो उसके पास तुरंत हाजीर हो ही जाता है दिल तो करता था सब कुछ जो उसको जरुरत सब दि...

प्यार का इजहार

 तीन अंक मे आप ने पुरी कहानीं देख ली अब शुरू होता है इजहार, सपने की दुनिया, उसका टुटना, फिर एक होना ,और फिर धोखा देकर सदा के लिए किसी और का हो जाना और मौत के करीब पहुंचा देना और एक बार भी मुर के नहीं देखना । बड़ों का सही है कभी लड़की के चक्कर मे मत पड़ना क्योंकि उसका कभी भरोसा नहीं होता है पर जब आप किसी के प्यार मे पड़ जाते है तो कहां इस बातें की याद रहती है उस समय सिर्फ वो और आप होते है चलिये पुरी कहानीं मे चलते है र हा नीचे अपनी राय जरूर दिजिये क्यों की इसी के वजह से आज 3 महिने से ईलाज मे हु दिमाग मे इतना दबाव बना हुआ है जो नहीं करना था वो भी कर लिया समय पर घर वालों ने जान तो बचा दिया पर रिस्तेदार के बीच ऐसी गांठें आ गई जो शायद आब ही समय के साथ निकल पाये। पर जिसके लिए खुद से ज्यादा ध्यान रखें वो एक झटके मे अपने आप को अलग कर चली गई।खैर चलिये पुरी कहानी के तरफ। अंतिम बार बात खुशबू से रेलवे वाले परीक्षा के समय हुआ फिर कोई संपर्क नहीं 2018 मे दुर्गा पुजा मे तेलडिहा मंदिर तारापुर गया उधर से लौटते वक्त उस के घर प्रसाद देने चला गया मे और मेरा फुफेरा भाई वो घर मे अकेली थी फिर उसकी मां आई सब ...

तीसरी मुलाकात

 अब 2018 का फरवरी चल रहा था इस बीच वो शादी के सिलसिले मे उसका मुंगेर आना जाना लगा रहा पर कभी भी मेरे से कभी आमन-सामन नहीं हुआ सिर्फ पता चलता वो आई थी और जितनी भी यादें बनी थी वो अभी एकतरफा था शायद् इसलिए कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। फरवरी मै शादी होनी थी तो लगा चले इसबार अच्छा से बात होगी पर सब पर पानी फिर गया जब पता चला बराती मे कोई भी नहीं आ रही है। आखिर शादी हो गई और अब सब अपनी दुनिया मे व्यस्त हो गए और उसकी सारी यादें समय के साथ किस तरह दिमाग से निकल गई पता ही नहीं चला। सभी अपनी अपनी मस्त थे और जब आप बिना रोजगार के होते  है तो अक्सर इन सब तरह खुबसूरत यादें की भी कोई जगह दिल मे नहीं होती है। शादी को लगभग 3 से 4 माह हो चुके थे इस बीच एक या दौ बार बात हुई वो भी बहन के मुबाईल से 3 या 4 मिनट के लिए और उस के साथ कोई संपर्क नहीं था। समय व्यतीत होता गया फिर सावन का महिना आया घर से सभी लोग देवघर जा रहे थे। पैदल रास्ता इस के घर के पीछे से है तो वहां फिर से इस के खुबसूरत चेहरा देखने को मिला कुछ देर सभी से बात करने के बाद सभी अपनी यात्रा पुरी करने के लिए आगे जाने लगे। तभी अचानक से इसके घर...

दुसरी मुलाकात

 26/11/2017 दुसरी बार फिर से उसको देखने का मौका आ गया इस दिन उसके भाई का छेका करने फिर से उसके घर आना पड़ा। सारी तय्यारी करने के बाद शाम मे मुंगेर से चाफा के लिए जाना था काम जब लोग व्यस्त हो जाते है तो समय का पता नहीं चलता शाम हो गई जब घर से सब निकल रहे थे तो अचानक से फुआ याद दिलाई बहन की ननद हो गी कुछ लिया उसके लिए तब अचानक से उसका चेहरा सामने आ गया पर शाम हो गई थी फिर जल्दी से बजार जा कर कुछ समझ नहीं आया तो एक डब्बा चौकलेट का पैक करा कर ले गया दिल तो कर रहा था अपनी जज्बात लिख कर उस चौकलेट के डब्बा मे डाल दु पर अपनी प्रतिस्ठा और उस के बारे मे कुछ जानकारी ना होने की वजह से रुक गया बजार मे लेट होने की वजह से सभी लोग आगे निकल गये जब तक मे घर आया फिर गाड़ी निकाल कर गया। घर मे खुशी का माहोल सभी व्यस्त ये अगे वाले रुम मे बैठक की व्यवस्था थी पर मे कभी रुम तो कभी बाहर निकल कर देख रहा था कभी तो उनसें नजर मिले पर वो मिली नहीं नास्ता होने के बाद सभी छत पर गये पंडितजी अपनी तय्यारी मे वयस्त थे जब मे छत पे जा रहा था तब  उन से नजर मिली लाल रंग का गाउन उस पर सफेद आंचल उसे देख कर ऐसा लगा माने व...

पहली मुलाकात

  प्यार, प्रेम, अहसास , आप जो चाहे इसे नाम दे पर इसके होने का आहस बहुत गुदगुदा और कालपनिक होता किसी के लिए कुछ अहसास होना उसके ख्याल मे होना आप हकीकत से हट सपने की दुनिया मे रहना। जब प्यार होता है तो शायद सब के साथ कुछ ऐसा ही होता होगा आप लोगों का तो पता नहीं पर मेरे साथ कुछ ऐसा ही होने वाला था। चलिये कुछ समय आप को अपने खुशी दुख धोखा अवसाद आप क्या कुछ नहीं कस्ट सहते है उसे पाने के लिए जिसको आप शरीर से नहीं जब उसकी आत्मा से प्यार हो जाये।  यह कहानी मेरी मेरा नाम उमाशंकर भारती   बिहार(भारत)का एक निम्न मध्यम वर्गी परिवार का 28 वर्ष का लड़का और वो मासुमगंज  सुलतानगंज से लगभग 10किलोमीटर देवघर वाले रास्ते मे (बिहार)की एक खुबसूरत सी 24 वर्ष की  लडकी खुशबू के बीच की है। हमारी पहली मुलाकात अक्टूबर/नवम्बर 2017 मे हुई थी जब मेरी फुफेरी बहन की शादी फायनल करने इसके घर मे अपने परिवार के साथ गया। जब दरवाजे से इसके घर के अंदर गया  गया वह सामने रसोई मे कुछ बना रही थी। 5'3" लगभग  उचाई  वाली  लड़की दिखी पहली बार देखते ही उसका हसमुख चेहरा दिल और मन मे अलग छाप छोड़...