प्यार का परवान

पहली बार उसके इतना करीब आने के बाद कहीं न कहीं उस रात को डर लग रहा था शायद सही नहीं है। उस रात को उस का फौन आता है बातें हुई पर मन मे शंका था लेकिन बात होते  सभी तरह के संका का समन हो गया। जब आप यह मान लेते है जो भी सामने हो वहीं. अप की जीवनसंगिनी बनेगी और यह उम्मीद भी हो सब कुछ ठिक से हो जायेगा क्योंकि जो एक लड़की का परिवार लडके मे खोजता है अब शायद वो सब था मेरे पास इस लिए वो मेरी और मै उसके नजदीक आता गया दुसरे दिन जब उसके पास गया तो वो सब के साथ बैठी बाते कर रही थी हम को देख वो समय निकालकर आगै के रुम आई और पलंग पर बैठ कर अपने और आने का इसारा दि तब 28/29साल की आयु मे पहली बार किसी लड़की के ओठ पर किस किया उस समय माने मन करता है सारी दुनिया की खुशी उसके कदमो मे ला कर डाल दु। अच्छा समय किस तरह खत्म हो जाता है किसी को पता नहीं चलता और जिस मे आप को अपनी दुनिया नजर आती हो उस्से तो दुर जाने का मन नहीं करता है। जाने से एक दिन पहले वो रात मे बजार वहां से फौन कर के हम को बुलाई जब इस तरह का छन आता है तो लोग कहीं भी हो उसके पास तुरंत हाजीर हो ही जाता है दिल तो करता था सब कुछ जो उसको जरुरत सब दिला दु पर वो फालतु खर्च  से बचती थी पर  बजार मे जहां हर 4था दुकानदार हम को पहचानता है कभी किसी लड़की के साथ कोई नहीं देखा हो पर इसके साथ कोई तरह की हिचक नहीं. होती थी रेस्टोरेंट मे जा कर खाना कुछ जरुरत हो तो लेना कोई कपडा जो हम को लगे इस पर अच्छा लगेगा तो ले लेना ये आम बात हो गई थी और ऐसा हम को लगता है सब के साथ होता.होगा   चाफा जाना और इसका मुंगेर आना अब समान्य बात हो गई थी शायद पहले इसका आना जाना कम हो पर अब मे भी बहान कर के चाफा जाना और कोई काम मे मुंगेर आना लगभग हर महिने हो जाता था। इसके मुंगेर आने पर साथ मे घुमना खाना पिना अब समान्य बात हो गई थी और जब आप साथ रहते हो हर तरह के दिल के बात होता हो और जब साथ 8 घंटों बिताना हो तो आप कब दौ जिस्म एक  जान  वाली बात सच हो जाये पता नहीं चलता। इसी बीच मेरे घर मे भी पापा के भाई मे बटवारा हो गया नई घर बनाने मे मे व्यस्त हो गया इस बीच बो लगभग 2 बार मुंगेर आई इधर मे वयस्त तो आने के बाद मिलना कम हो गया फिर भी समय निकालकर बिना मिले काम मै मन नहीं लगता था एक दिन किसी बहाने उस को अपने घर लाया सारा घर घुमाना सब से मिलवाना फिर शाम मे वो वापस गई इसी तरह फिलहाल सब कुछ सही चल रहा था कहते है अप अगर किसी से प्यार करते है तो सब को पता चल ही जाता है।वैसा ही मेरे साथ हुआ मेरे और फुआ के घर मे सब को पता चल गया और मुझ से पुछा गया सभी को सारा बात बता देने के बाद घर मे कुछ लोग नाराज कुछ ठिक है वाली मे आ गया फिर सब को मनाने के बाद एक भयानक मुद्दा पर आकर सारा पेच फस गया वो था एक बार खुशबू कम से कम अपनी भाभी को बोले ये बात उस को बोलने पर वो बोलने के लिए तैयार ही नहीं हो अब प्यार मे टेंशन मथा दर्द घर के लोग आप को नहीं समझ पा रहे है आप घर के लोगों को लड़की को आप नहीं समझा पा रहे  और लड़की आप को बहुत पेचीदा स्तथि हो जाती कुछ समझ नहीं आता क्या करे और कैसे पर कहते है प्यार मे हारमोन बड़ा  गजब रोल अदा करता है हार मान्ने को तय्यार ही नहीं होता है  इस बीच  कोई ना कोई रिस्ता लेकर इस के घर पर आजाया करते थे उस का टेंशन अलग हो जाता था। एक बार तो लगा अब कोई उपाय नहीं है इसके बडे जिजा एक ASM लडका को लेके आ गये और वो घर मे सब को पसंद एक पल तो लगा अब चली गई पर लड़का की पहले शादी एक बार हो चुकी थी इसलिए लड़की ही मना करदी इस तरह 2 या 3 रिस्ता उस के लिए देखा गया पर कभी तिल्लक तो किसी और वजह से हर बार छुट जाता इस बीच मेने उसकी भाभी से बात की और फुआ से वो बोली ठिक है अगर करना है तो शादी हो करवा देंगे घर मे मेने अपनी मां से भी बात की हर तरह से सब कुछ ठिक हो रहा था ऐसा प्रतित हो रहा था । इसी बीच पता चला वो अपनी मंझली बहन के देवर नीरज से अभी भी घंटो बात करती है इस को लेकर मेने खुशबू से खुल कर बात और उस समय भी बोला और उधर शादी करने का मन है तो उधर ही कर लो किसी  को मुर्ख मत बनाना इस को लेकर हम दोने मे सारा बात.हो गया वो बोली बात सिर्फ इसी तरह होता है शादी का बात घर मे वो किया था पर भय्या ने मना कर दिया जो उस से अब शादी नहीं होगी और हम करना भी नहीं चाहते है क्युकि उस घर मे जिजाजी ठिक नहीं है उनका नेचर बहुत खराब है 2 तीन बार मेरे से जबरदस्ती करने का कोशिश किया है पर नही कर पाया इस लिए उन से हम को नहीं पटता है फिर एक बार वो बडी दिदी के साथ भी ऐसा करने का कोशिश किया है और भी बहुत सारी बातें बताई बहुत सी लड़की से उनका गलत संबंध उस का पुरा घर उस से परेशान रहता है उस घर मे नहीं रह सकते हु । कहते है आप जब किसी पर आंख बंद कर विशवास करते है तो हमेशा धोखा का कारण बनता है। फिर इन सब  के बाद सब कुछ सही ही चल रहा था। पर किस को क्या पता आगे क्या होने वाला है और किस के मन मे क्या चल रहा है। किसी को क्या पता जो अपना तन, मन, सब कुछ एक बार नहीं 2, 3 बार हम को सौप चुकी है वो इतनी सातीर निकलेगी। निरज का तांडव

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