प्यार का इजहार
तीन अंक मे आप ने पुरी कहानीं देख ली अब शुरू होता है इजहार, सपने की दुनिया, उसका टुटना, फिर एक होना ,और फिर धोखा देकर सदा के लिए किसी और का हो जाना और मौत के करीब पहुंचा देना और एक बार भी मुर के नहीं देखना । बड़ों का सही है कभी लड़की के चक्कर मे मत पड़ना क्योंकि उसका कभी भरोसा नहीं होता है पर जब आप किसी के प्यार मे पड़ जाते है तो कहां इस बातें की याद रहती है उस समय सिर्फ वो और आप होते है चलिये पुरी कहानीं मे चलते है र हा नीचे अपनी राय जरूर दिजिये क्यों की इसी के वजह से आज 3 महिने से ईलाज मे हु दिमाग मे इतना दबाव बना हुआ है जो नहीं करना था वो भी कर लिया समय पर घर वालों ने जान तो बचा दिया पर रिस्तेदार के बीच ऐसी गांठें आ गई जो शायद आब ही समय के साथ निकल पाये। पर जिसके लिए खुद से ज्यादा ध्यान रखें वो एक झटके मे अपने आप को अलग कर चली गई।खैर चलिये पुरी कहानी के तरफ।
अंतिम बार बात खुशबू से रेलवे वाले परीक्षा के समय हुआ फिर कोई संपर्क नहीं 2018 मे दुर्गा पुजा मे तेलडिहा मंदिर तारापुर गया उधर से लौटते वक्त उस के घर प्रसाद देने चला गया मे और मेरा फुफेरा भाई वो घर मे अकेली थी फिर उसकी मां आई सब से मिल कर फिर वापस आ गया उस समय भी ना कुछ बोल.पाया और ना ही कुछ पुछ पाया क्योंकि मना करने का डर होता है। फिर सब कुछ समान्य चलता गया कभी दिल मे इतनी बेचैनी नहीं थी उस को लेकर। एक बार मुंगेर मे उस की शादी की र्चचा हो रही थी तो पता चला की उसके मन मे एक लड़का है (उस की मंझली दिदी के देवर)जिस से वह शादी करना चाहती है और इस बात को लेकर वो घर मे सब को बोल चुकी है जब मुझे इस बात की जानकारी हुई तो लगा हो सकता फिर मे अपनी सारी भावना को अपने मन मे रख कर शांत हो गया क्योंकि जब लड़की किसी. को पसंद करती है तो उसको पाने के लिए वो किसी भी हद तक जा सकती है और प्यार मे जबरदस्ती नहीं होता है प्यार होता या नहीं होता है। सब तरह से वो दिमाग से निकल गई फिर अचानक 14 फरवरी 2019 को उस का फौन आया शाम के समय एक अवाज happy Valentine's day उस के घर वाला नम्बर से दिल मे जितनी भी तमन्ना थी एक बार फिर से नजर के सामने आ गई मे उस समय दुकान मे था ज्यादा कुछ बोल नहीं सका लगभग 5 मिनट बात हुई हो गी फिर कोई फौन नहीं उस का फौन नम्बर मेरे पास शादी के ही समय से ही था कितनी बार मन होता था फौन करने का पर मुझे सही नहीं लगा क्यों की वो किसी और को पसंद करती थी। दिल से किसी को पसंद करना भी अजीब चीज होती है फिर कोई उस्से ज्यादा अच्छा ही क्यों नहीं आजाये पर दिल चाहता उसी को है इस वजह से कभी उस के फौन पर बात नहीं की लेकिन एक अजीब बात हुई पता चला वो जो लड़का को चाहती है उस को लेकर घर मे सभी ने उसे मना कर दिया और वो घर के बात को मान गई लेकिन 14 फरवरी के बाद फिर अक्सर उस का फौन आ जाया करता है जहां कभी महिने बात नहीं होती थी अब सप्ताह मे होने लगी थी कभी स्कोलरशिप का तो कभी बिहार पुलिस तो कभी रेलवे आदि की परीक्षा के नाम पर फौन आने लगी धीरे धीरे बात 5 से 10 मिनट से घंटों होने लगी दिल की अवाज अब मुह पर आने लगी थी फिर एक दिन दोपहर मे फौन आया उस दिन मेने अपनी दिल की सारी बात इस.को बोल दिया और उस के देवर दिदी के देवर के बारे मे भी सारा बात बता दिया तब वो भी उस को लेकर सारा बात बताई मेने खुशबू से बोला कोई जबरदस्ती नहीं है कोई जरुरी नहीं है आप जिसे पसंद करते है वो आप को भी करे अगर हम पसंद नहीं है तो आप मना कर सकते है। पर वो बोली जो घर वाले पसंद करेगा वहीं हम को भी पसंद है मेने कहा अगर यहां बोले तो वो बोली हम को कोई समस्या नहीं है। यहां से हम दोने का प्यार परवान चड़ता गया फिर हर रोज घंटों फौन पर बात करना अब धीरे धीरे उस की आदत सी होने लगी थी। 15 से 20 दिन लगभग उस्से बात हुई फिर अचानक से उस का फौन आना बंद हो गया 3 से4 दिन जब फौन नहीं आया तब मै परेशान हो गया तब इस की भाभी और मेरी फुफेरी बहन से मिल कर कोई बहाना से पुछा बात क्या है तब पता चला तबीयत खराब है पहली बार बिना उधर से फौन आये इस के नम्बर पर फौन किया। लगभग 7 दिन बाद फौन आया फिर बैठ कर घंटों बातें कुछ अपनी कुछ उसकी इसी तरह हम दोनो अपने दिल की सारी बातें एक दुसरे को बताना सुनाना होते जा रहा था। इस बीच वो कई बार घर मे बात शादी की बात करने को बोली पर उस समय मे टालता गया क्यों की मुझे लगता था कोई भी लड़की जब पत्नी बन कर आती है तो उस के मन मे बहुत सारे अरमान अपने साथ लाती है जिसे पुरा पति कर सकता है भगवान के कृपा मेरे घर मे कमी नहीं थी और उतना आय मेरा खुद का भी है की उसको दिक्कत नहीं होती पर आज के समय को देखते हुए लगा जब रिस्तेदार पुछेगै तब क्या बोली गी इस लिए उस को पाने की जुनुन मे रात दिन एक कर के ssc cgl 2017 का परीक्षा पास किया सारी मेहनत रंग लाई अब बारी थी उसके घर बात करने की। समय अपनी गति से चलता जा रहा था इस बिच उसके घर खुशबू को भतीजी हुई जिस की छट्टी के लिए वह मुंगेर आई मानो मन्नत पुरी हो गई अब तक सिर्फ फौन से बात होती थी अब उसके समीप जा कर होने लगी 24 घंटा मे 10 घंटा अब उसी के पास कटने लगा छट्टी का सारा काम खत्म हुआ उस के घर से हर कोई आया तब उस की ममेरी बहन उस से परीचय हुआ यह लड़की वहीं थी जिस को छेका के समय वहां देखा था। आप जब प्यार मे होते हे तो सामने वाला का दुख दर्द आप को अपना लगने लगता है वहीं मेरे साथ हुआ उस समय आप हर चीज की चिंता छैड़ उस के बारे मे सोचते है पता चला उस के हाथ पर सफेद दाग है अब उस को ठिक करने के लिए जितना हो सका मेने किया डॉक्टर से दिखाना दवा लेना अगर वो चाफा मे है और दवा खत्म हो गया तो वहां जाकर या किसी भी तरह भिजवा देना उस समय आप को ऐसी चिंता हो जाती है भविष्य मे क्या होगा हम आप नहीं सोचते है।
जब उस को sk mandal dermotelogis से दिखवा के लाया तो शाम हो गया दिन भर भुखे प्यासा हम दोनों थे शाम मे घर आने के बाद वो मुह हाथ धोने के बाद रुम मे आई मे अपने घर जाने के लिए तैयार था वो मेरी बगल मे खडीं थी जीवन मे पहली बार किसी लड़की के इतना नजदीक आया उसके गाल दौनों गाल पर चुम्मी ली बदले मे उसने भी मेरे दोने गाल पर ली पहली बार किसी लड़की के इतने करीब गया दिल की धड़कन अपनी गती से दुगने रफतार पर चलने लगी।.....आगे प्यार का परवान.....
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